आकाश में बुध क्या कर रहा है
बुध सूर्य के पास रहता है और आम तौर पर एक राशि में दो से चार सप्ताह रहता है। जब वह किसी राशि की सीमा के पास वक्री होता है तो पिछली राशि में लौटकर फिर से प्रवेश कर सकता है, इसीलिए किसी साल एक ही राशि दो बार दिखती है।
ग्रह घटनाएँ · बुध
बुध सोच, वाणी, पढ़ाई, लेखन, व्यापार और रोज़मर्रा की बातचीत का कारक है। यहाँ 2026 और 2027 की बुध से जुड़ी हर घटना है, वैदिक ज्योतिष की निरयण राशि पद्धति में, भारतीय समय के साथ।
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं।
बुध सूर्य के पास रहता है और आम तौर पर एक राशि में दो से चार सप्ताह रहता है। जब वह किसी राशि की सीमा के पास वक्री होता है तो पिछली राशि में लौटकर फिर से प्रवेश कर सकता है, इसीलिए किसी साल एक ही राशि दो बार दिखती है।
बुध साल में तीन बार, हर बार लगभग तीन सप्ताह के लिए वक्री होता है। आकाश में कुछ उल्टा नहीं चलता: पृथ्वी से देखने पर बुध पीछे चलता दिखता है क्योंकि पृथ्वी उसे भीतरी कक्षा पर पार करती है। परंपरा वक्री बुध को दोबारा देखने, सुधारने और अधूरे काम पूरे करने का समय मानती है, और बहुत से लोग इस समय योजनाएँ, कागज़ात और संदेश दोबारा जाँचते हैं। ज्योतिष वक्री ग्रह को चेष्टा बल में बलवान भी मानता है, इसलिए यह एक अलग तरह के ध्यान का समय है, जीवन रोकने का नहीं।
छाया काल आकाश का वह हिस्सा है जिसे ग्रह तीन बार पार करता है: वक्री होने से पहले वह उस अंश से गुज़रता है जहाँ वह बाद में मार्गी होगा, और मार्गी होने के बाद वह फिर आगे चलकर उस अंश तक पहुँचता है जहाँ वह वक्री हुआ था।
1 जनवरी 2026 को बुध धनु राशि में है।
| तिथि और समय (IST) | प्रवेश | गति | कब तक |
|---|---|---|---|
| मकर | मार्गी | ||
| कुम्भ | मार्गी | ||
| मीन | मार्गी | ||
| मेष | मार्गी | ||
| वृषभ | मार्गी | ||
| मिथुन | मार्गी | ||
| कर्क | मार्गी | ||
| मिथुन | वक्री गति में पीछे | ||
| कर्क | मार्गी | ||
| सिंह | मार्गी | ||
| कन्या | मार्गी | ||
| तुला | मार्गी | ||
| वृश्चिक | मार्गी | ||
| धनु | मार्गी |
1 जनवरी 2027 को बुध धनु राशि में है।
| तिथि और समय (IST) | प्रवेश | गति | कब तक |
|---|---|---|---|
| मकर | मार्गी | ||
| कुम्भ | मार्गी | ||
| मकर | वक्री गति में पीछे | ||
| कुम्भ | मार्गी | ||
| मीन | मार्गी | ||
| मेष | मार्गी | ||
| वृषभ | मार्गी | ||
| मिथुन | मार्गी | ||
| कर्क | मार्गी | ||
| सिंह | मार्गी | ||
| कन्या | मार्गी | ||
| तुला | मार्गी | ||
| कन्या | वक्री गति में पीछे | ||
| तुला | मार्गी | ||
| वृश्चिक | मार्गी | ||
| धनु | मार्गी |
बुध का वक्री होना आपकी पढ़ाई, काम, लेखन या बातचीत में से किसे छूता है, यह इस पर निर्भर है कि आपकी अपनी कुंडली में बुध किन भावों का स्वामी है और कहाँ बैठा है, और कौन सी दशा चल रही है। जिनके जन्म के समय बुध वक्री था, उन्हें ये समय अक्सर सहज लगते हैं।
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2026 में बुध 3 बार वक्री होता है: 26 फ़रवरी 2026, दोपहर 12:18 बजे से 21 मार्च 2026, रात 1:03 बजे तक; 29 जून 2026, रात 11:06 बजे से 24 जुलाई 2026, सुबह 4:28 बजे तक; 24 अक्टूबर 2026, दोपहर 12:43 बजे से 13 नवंबर 2026, रात 9:24 बजे तक। समय भारतीय मानक समय में है।
2027 में बुध 3 बार वक्री होता है: 9 फ़रवरी 2027, रात 11:06 बजे से 3 मार्च 2027, शाम 6:02 बजे तक; 10 जून 2027, रात 11:46 बजे से 5 जुलाई 2027, रात 1:09 बजे तक; 7 अक्टूबर 2027, रात 8:07 बजे से 28 अक्टूबर 2027, रात 7:41 बजे तक। समय भारतीय मानक समय में है।
यहाँ की हर तिथि और समय उसी पद्धति से निकाला गया है जिससे भारतीय पंचांग ग्रह घटनाएँ देते हैं: निरयण राशिचक्र पर लाहिड़ी अयनांश, ग्रह की दृश्य स्थिति पर, यानी आकाश में वह जहाँ दिखाई देता है। स्तंभन (ग्रह के वक्री या मार्गी होने का क्षण) ग्रह की दृश्य गति से निकाला गया है। समय भारतीय मानक समय में है, मिनट तक।