वैदिक ज्योतिष · ग्रह घटनाएँ
ग्रह घटनाएँ 2026 और 2027: वक्री, मार्गी, गोचर और ग्रहण
2026 और 2027 का हर वक्री और मार्गी होना, हर राशि परिवर्तन (गोचर) और हर ग्रहण, तिथि क्रम में, वैदिक ज्योतिष की निरयण राशि पद्धति से। हर घटना अपने पूरे विवरण से जुड़ी है।
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं।
ग्रह के अनुसार
2027: हर घटना तिथि क्रम में
जनवरी 2027
फ़रवरी 2027
मार्च 2027
अप्रैल 2027
मई 2027
जून 2027
जुलाई 2027
अगस्त 2027
- ग्रहणखग्रास सूर्य ग्रहण, 2 अगस्त 2027: पूरे भारत में दिखेगा, खंडग्रास रूप में
- वक्रीशनि मेष में वक्री
- गोचरबुध का सिंह में प्रवेश
- गोचरशुक्र का सिंह में प्रवेश
- ग्रहणउपच्छाया चंद्र ग्रहण, 17 अगस्त 2027: भारत में नहीं दिखेगा
- गोचरसूर्य का सिंह में प्रवेश (सिंह संक्रांति)
- गोचरमंगल का तुला में प्रवेश
- गोचरबुध का कन्या में प्रवेश
सितंबर 2027
अक्टूबर 2027
नवंबर 2027
दिसंबर 2027
आपके लिए इसका क्या अर्थ हो सकता है
ग्रह घटना सबके लिए एक ही आकाश है। आपके लिए इसका अर्थ आपकी अपनी कुंडली पर निर्भर है: ग्रह किन भावों का स्वामी है, आपकी चंद्र राशि और लग्न से किन भावों से गुज़रता है, और कौन सी दशा चल रही है।
ये तिथियाँ कैसे निकाली गई हैं
यहाँ की हर तिथि और समय उसी पद्धति से निकाला गया है जिससे भारतीय पंचांग ग्रह घटनाएँ देते हैं: निरयण राशिचक्र पर लाहिड़ी अयनांश, ग्रह की दृश्य स्थिति पर, यानी आकाश में वह जहाँ दिखाई देता है। स्तंभन (ग्रह के वक्री या मार्गी होने का क्षण) ग्रह की दृश्य गति से निकाला गया है। समय भारतीय मानक समय में है, मिनट तक।
आधी रात के पास होने वाला राशि परिवर्तन किसी पंचांग में, जो दिन अलग ढंग से गिनता है, पास की तारीख़ पर दिख सकता है।
