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राहु केतु गोचर 2026 और 2027: राशि परिवर्तन की तिथियाँ
राहु महत्वाकांक्षा, नयेपन और विदेश का, और केतु वैराग्य, भीतरी जीवन और छोड़ने का कारक है। यहाँ 2026 और 2027 में राहु और केतु का हर राशि परिवर्तन है, वैदिक ज्योतिष की निरयण राशि पद्धति में, भारतीय समय के साथ।
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं।
आकाश में राहु और केतु क्या कर रहा है
राहु और केतु वे दो बिंदु हैं जहाँ चंद्रमा का मार्ग सूर्य के मार्ग को काटता है। ये हमेशा एक-दूसरे के ठीक सामने रहते हैं और हमेशा राशिचक्र में पीछे की ओर चलते हैं, इसीलिए इन्हें सदा वक्री कहा जाता है। ये लगभग हर 18 महीने में साथ-साथ राशि बदलते हैं: जब राहु किसी राशि में प्रवेश करता है, केतु उसकी सामने वाली राशि में प्रवेश करता है। यह साइट पारंपरिक मध्यम राहु (मीन नोड) का उपयोग करती है; स्पष्ट राहु (ट्रू नोड) वाले पंचांग में तिथि कुछ दिन आगे-पीछे हो सकती है।
राहु और केतु का राशि परिवर्तन (गोचर)
राहु और केतु गोचर 2026
1 जनवरी 2026 को राहु कुम्भ में और केतु सिंह में है।
तिथि और समय (IST)
राहु का प्रवेश
केतु का प्रवेश
कब तक
मकर
कर्क
राहु और केतु गोचर 2027
1 जनवरी 2027 को राहु मकर में और केतु कर्क में है।
2027 में राहु और केतु राशि नहीं बदलते।
राहु और केतु अगली बार 23 जून 2028 को धनु में प्रवेश करते हैं।
आपकी चंद्र राशि से राहु और केतु किस भाव में गोचर करता है
पहले कॉलम में अपनी चंद्र राशि खोजें। बाकी हर कॉलम वह राशि है जिसमें ग्रह 2026 और 2027 में रहता है, और खाने में लिखा भाव आपकी चंद्र राशि से उस राशि की गिनती है। तालिका के बाद की सूची बताती है कि परंपरा हर भाव को किस विषय से जोड़ती है।
आपकी चंद्र राशि
राहु कुम्भ में, केतु सिंह में
राहु मकर में, केतु कर्क में
मेष
ग्यारहवाँ / पाँचवाँ
दसवाँ / चौथा
वृषभ
दसवाँ / चौथा
नौवाँ / तीसरा
मिथुन
नौवाँ / तीसरा
आठवाँ / दूसरा
कर्क
आठवाँ / दूसरा
सातवाँ / पहला
सिंह
सातवाँ / पहला
छठा / बारहवाँ
कन्या
छठा / बारहवाँ
पाँचवाँ / ग्यारहवाँ
तुला
पाँचवाँ / ग्यारहवाँ
चौथा / दसवाँ
वृश्चिक
चौथा / दसवाँ
तीसरा / नौवाँ
धनु
तीसरा / नौवाँ
दूसरा / आठवाँ
मकर
दूसरा / आठवाँ
पहला / सातवाँ
कुम्भ
पहला / सातवाँ
बारहवाँ / छठा
मीन
बारहवाँ / छठा
ग्यारहवाँ / पाँचवाँ
चंद्र राशि से हर भाव किन विषयों का है
पहला भाव: स्वयं, शरीर और दृष्टिकोण
दूसरा भाव: परिवार, वाणी और बचत
तीसरा भाव: प्रयास, साहस, भाई-बहन और संदेश
चौथा भाव: घर, माता और मन की शांति
पाँचवाँ भाव: संतान, पढ़ाई और रचनात्मकता
छठा भाव: रोज़ का काम, सेहत की आदतें और सेवा
सातवाँ भाव: साझेदारी और विवाह
आठवाँ भाव: साझा धन, बदलाव और शोध
नौवाँ भाव: गुरु, उच्च शिक्षा, आस्था और लंबी यात्राएँ
दसवाँ भाव: करियर और सार्वजनिक पहचान
ग्यारहवाँ भाव: लाभ, मित्र और आशाएँ
बारहवाँ भाव: विश्राम, खर्च, विदेश यात्रा और छोड़ना
आपके लिए इसका क्या अर्थ हो सकता है
गोचर चंद्र राशि से पढ़ा जाता है: नीचे की तालिका बताती है कि राहु और केतु आपकी चंद्र राशि से किन भावों से गुज़रते हैं। ये दोनों हमेशा आमने-सामने के दो भावों में रहते हैं, इसलिए राहु-केतु का राशि परिवर्तन जीवन के दो क्षेत्रों के बीच ध्यान एक साथ बदलता है। यह क्या लाएगा, यह आपकी कुंडली और दशा पर निर्भर है।
2026 में राहु और केतु का राशि परिवर्तन: 5 दिसंबर 2026, रात 7:39 बजे, मकर में (भारतीय समय)।
2027 में राहु और केतु कब राशि बदलते हैं?
2027 में राहु और केतु राशि नहीं बदलते।
ये तिथियाँ कैसे निकाली गई हैं
यहाँ की हर तिथि और समय उसी पद्धति से निकाला गया है जिससे भारतीय पंचांग ग्रह घटनाएँ देते हैं: निरयण राशिचक्र पर लाहिड़ी अयनांश, ग्रह की दृश्य स्थिति पर, यानी आकाश में वह जहाँ दिखाई देता है। स्तंभन (ग्रह के वक्री या मार्गी होने का क्षण) ग्रह की दृश्य गति से निकाला गया है। समय भारतीय मानक समय में है, मिनट तक।